डेट डेट खेल कर मजे लेता

Father ;- तुमने इन चार सालो में क्या
                किया?son - पिता जी मेरी उपलब्धियां गिनिये।

1-टी ई टी मेरिट और अकादमिक वालो को
     लड़ाया।
2-बी.एड और बी टी सी वालों को लड़ाया।
3-शिक्षा मित्र और टी ई टी वालों को लड़ाया।
4-लोक सेवा आयोग और प्रतियोगियों को
     लड़ाया।
Father- वो तो सब ठीक था पर अब ये क्या
          कर रहे हो।परिवार में लड़ा रहे हो।
Son-नही पिता जी;
              टी ई टी बेरोजगारो और योग्य
              प्रतियोगियों के बद्ददुआ और
              भगवान के न्याय का परिणाम
              है।वहाँ मेरी नही चलती ;नही
              तो वहाँ भी हाई कोर्ट और सुप्रीम
               कोर्ट की तरह डेट डेट खेल कर
               मजे लेता।
Father:-   तो इसका मतलब विनाश तय
                 है?
Son:-जी पिता जी।भगवान के घर
               देर है ;हमारे घर की तरह अंधेर
               नहीँ।
👆is warta ka sambandh kisi jivit ya mrat vyakti se nahi hai ,is ko kisi ghatit ghatna se na joda jaye👏




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